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Ashish Agarwal Gaushala Jui

एक ताने से आशीष ने गोसेवा करने की ठानी, आज गोशाला में हैं 900 गायें...

कभी-कभी इंसान को कही गई बात इतनी चुभ जाती हैं कि उसे पूरा करने के लिए वो अपने जीवन की रूपरेखा ही बदल डालता है। बात को पूरी करने के लिए आने वाली बाधाओं काे कठिन संघर्ष से पार पा लेता है। सफलता के बाद एक दिन ऐसा आता है जब ताना मारने वाले ही दबी जुबान से उसकी तारीफ कर उसके कार्य की सराहना करते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जुई बिचली निवासी 20 वर्षीय आशिष अग्रवाल ने। गोशाला चलाने के लिए तेरे जैसे बच्चाें का काम नहीं है, का ताना सुनकर जुई कलां में 900 बेसहारा पशुओं से गोशाला चलाकर क्षेत्र के किसानाें की समस्याओं काे काफी हद तक कम किया है। आज आशिष के साथ क्षेत्र के 300 से भी ज्यादा युवा एक आवाज पर गायों की सेवा करने के लिए तत्पर हैं। युवाओं की टीम का समर्पण भाव देख क्षेत्र के गांवों के लोगों ने भी गोशाला को एंबुलेंस, ट्रैक्टर, पिकअप, चारा काटने की मशीन, ट्राली सहित चारा, अनाज, खल, गुड़ सहित अनेक प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। गोशाला प्रधान आशिष अग्रवाल व उसकी युवा टीम की मेहनत की बदौलत आज जुई कलां में क्षेत्र की सबसे भव्य गोशाला अस्तित्व में हैं। 
कहने और करने में फर्क हैं, तेरी औकात नहीं गोशाला चलाने की जुई कलां में लगभग पांच साल पहले गांव के बेसहारा पशुओं...
जुई कलां में लगभग पांच साल पहले गांव के बेसहारा पशुओं के लिए सेठ हंसराज ने चार एकड़ जमीन गोशाला बनाने के लिए दान दी थी। जिसमें तीन गांवों के प्रबुद्ध लोग गायों को रोककर उनकी सेवा करते थे। दिन प्रतिदिन गायों की हालत खराब होती गई। समय पर चारा नहीं पहुंचा। गायों के बैठने के लिए जगह नहीं थी, न ही उन्हें समय पर पानी मिलता था। जुई निवासी आशिष अग्रवाल ने गोशाला में जाकर गायों की हालत देखी तो तड़फ उठा और बीमार, लाचार, तड़फ रही गायों की वीडियो बनाकर डीसी और एसपी से शिकायत करने की सोची। गोशाला की दयनीय हालत पर गांव में पंचायत हुई और आशिष अग्रवाल व उसके साथियों ने गोशाला की दयनीय हालत पर आवाज उठाई। तभी किसी ने कह दिया कि तू अभी बच्चा है। कहने और करने में बड़ा फर्क होता है। तेरी औकात नहीं है गोशाला चलाने की। ग्रामीणों ने पंचायत में गोशाला में हालत देखते हुए मजबूरी में गोशाला के द्वार खोलकर गायों को आजाद कर दिया। आशिष अग्रवाल को बात इतनी चुभी कि उसने गोशाला चलाने का प्रण कर लिया और अपने लक्ष्य को पाने के लिए अपने साथी नवनीत शर्मा, बबलू रापडिया, सोनू सेन, समजेश रापडिया सहित युवा टीम को गोशाला में एक बार गाय को इक्ट्ठा करने की बात कही। सभी ने मिलकर गायों को इक्ट्ठा किया और गोशाला में रोक दिया और उनकी सेवा करने लगे।
गौशाला जुई कलां में अपना अमुल्य सहयोग देन के लिए संम्पर्क करें:-
गोशाला प्रधान आशिष अग्रवाल जुई कलां
मो. 9991265600