Friday, April 17, 2015


बेजुबान, बेसहारा पशु-पक्षियों के जीवन पर तत्परता दिखाएगें लालावास के युवा...
‘‘अरे अपने लिए तो सब जीते है, जीना तो उनसे सिखिये जो दुसरों के लिए जीते है’’- यही मानना है लालावास की युवा पीढ़ी का। लालावास के युवाओं का कहना है कि वे बेजुबान, बेसहारा, पशु-पक्षियों की जिदंगी में आने वाली तमाम परिस्थितियों को अपनी निजी परेशानी मानते हुए उन सभी पशु-पक्षियों के लिए हर संभव प्रयास करेंगें। पशुओं के लिए एक गौशाला का इंतजाम नव वर्ष के अवसर पर किया गया था। नव वर्ष के पश्चात् से सभी बेसहारा पशुओं को गौशाला में उचित व्यव्स्था के साथ रखा गया है। 
अधमरे मिले गाय के बछड़े की हो गई थी तीन दिन पश्चात् मौत...
‘‘अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत’’- यही कहावत सटीक बैठती है जिन्होंने उस बेसहारा मजबुर पशु के लिए भरपूर प्रयासों के बाद भी उस पशु  की जिंदगी की भीख माँग रहे थे। हर एक युवा का सपना चकनाचूर हो गया जब उनकी मेहनत विफल हो गई। उस बछड़े को बचाने के लिए युवा साथियों ने अथक प्रयास किए किंतु उनकी मेहनत काम रही। अंत में सभी को यही लगा कि काश ! हमें देर न हुई होती। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ बच्चे तथा नवयुवक क्रिकेट खेल रहे थे। दुर्भाग्यवश गेंद नजदीक ही निर्मित र्वजनिक शौचालय में चली गई। गेंद को सार्वजनिक शौचालय से लाने के लिए नवीन तथा रवि सार्वजनिक शौचालय में गए। अचानक उनकी नजर वहाँ पर अधमरे गाय के बछड़े पर पड़ी। गाय के बछड़े की हालत बहुत ही नाजुक थी। वह पशु जिंदगी और मौत के साथ निरंतर लड़ रहा था। उस बछड़े को तुरंत प्रभाव से शौचालय से बाहर निकालकार लालावास की गौशाला तक पहुँचाया गया।  वहा गौशाला में उस बछड़े को पानी तथा चारे का विशेष रूप से प्रबंध करवाया गया। उसे तुरंत चिकित्सक से अवगत कराकर प्राथमिक चिकित्सा दी गई। उस बेजुबान पशु के साथ हर संभव प्रयास करने में प्रदीप कुमार, नवीन, तथा विकास ने  सहनशीलता का परिचय देते हुए अपनी तत्परता दिखाई। अंततः दो दिन बाद वह बछड़ा जिंदगी की जंग हार गया। सूत्रों के अनुसार सार्वजनिक शौचालय में पड़े हुए उस बछड़े को दो-तीन दिन हो चुके थे। अगर समय पर पता चल जाता तो आज वो बेजुबान पशु हमारे बीच होता।
सार्वजनिक मिशन में आप भी दे सकते है अपना किमती योगदान...
लालावास की गौशाला में आप तुड़ी, रोटी, तथा पैसा इत्यादि भेंट करके अपनी श्रद्धा अनुसार किमती योगदान दे सकते है। बताया जाता है कि गौशाला में पिछले दिनों महेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र उर्फ लीला, जीवन राम तथा सुशील रंगा ने पशुओं की निंरतर देख रेख के प्रति अपनी चेष्टा दिखाई। 
‘‘अरे सोचों अगर मैं नहीं होता तो दुध कहाँ से पी पाते तुम’’...
उपर्युक्त शब्द है लालावास के प्राचीन ‘झोटे’ का जो पूरी तरह से अस्वस्थ है और चलने के लिए भी बेबस है। बताया जाता है कि यह दुर्दशा ढाब-ढाणी के कुछ अज्ञात युवकों ने की और उस ‘झोटे’ को इस मुकाम तक पहुँचाया है। उस पशु की दुर्दशा कभी भी शब्दों में प्रस्तुत नहीं की जा सकती। सूत्रों के मुताबिक मदनलाल वर्मा, तेजपाल तथा महेन्द्र शर्मा का उस ‘झोटे’ की दिनचर्या के प्रति सचेत होने के कारण आज भी वह ‘झोटा’ लालावास में जीवित अवस्था में है। साथियों हमें उस झोटे के प्रति मदनलाल वर्मा, तेजपाल तथा महेन्द्र शर्मा की तरह अपनी तत्परता दिखानी चाहिए ताकि उस बुजुबान पशु की आवारा हालत को सुधारा जा सकें तथा वह पशु अपनी शेष जिदंगी को व्यतीत कर सके। आप भी उस झोटे के प्रति विशेष योगदान दे सकते है।
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Friday, March 6, 2015


लालावास के युवाओं का ‘सूखी होली मिशन’ सफल...
..... और एक बार फिर से भाईचारे का परिचय देते हुए युवा पीढ़ी के नौजवानों ने सफलता की सीढ़ी पर कदम बढ़ाया। लालावास के युवाओं ने होली पर्व को प्यार, प्रेम सहिष्णुता तथा भाईचारे युक्त एक नए अंदाज में होली त्यौहार को एक नई दिशा देते हुए ‘सूखी होली’ के रूप में अपने मुकाम को हासिल किया। सभी युवा साथियों ने अपने कर्त्तव्य को समझते हुए इस मुकाम तक पहुँचने के लिए मेहनत की। अंततः सभी युवा साथियों की मेहनत रंग लाई और युवाओं ने इस मिशन को हासिल कर लिया। 
‘सूखी अबीर गुलाल युक्त होली’ मनाने का लिया था संकल्प...
सूत्रों के मुताबिक लालावास के युवाओं ने होली के इस पर्व पर्व युवाओं ने एक ‘मिशाल’ बनाने का निर्णय लिया था। इस अनूठी पहल को सफल बनाने के लिए बकायदा शर्त यह थी कि इस बार होली के त्यौहार को ‘सूखी होली’ के रूप में मनाया जाए। इस अभियान के तहत लालावास का कोई भी ग्रामवासी अबीर गुलाल के सिवाय न तो पानी का प्रयोग कर सकता था तथा न ही वह व्यक्ति पक्के रंग अथवा रसायन युक्त रंग का इस्तेमाल कर सकता है। मिशन की सभी शर्तों को सही चरितार्थ में लाते हुए इस मुहिम के प्रति लालावास के युवा विशेष रूप से सक्रीय नजर आए। लालावास के युवाओं ने अपनी कर्तव्य के प्रति जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए बच्चों को पानी के महत्व के बारे में समझाया तथा बच्चों को रसायन युक्त रंग बारे में बताते हुए अपनी कर्मनिष्ठा का एक उदाहरण प्रस्तुत किया। लालावास के युवाओं ने होली पर्व को बड़े ही हर्शोल्लास प्रेम व भाईचारे व पूर्ण रूप से नैतिकता के साथ मनाया। होली के त्यौहार पर धुलंड़ी के दिन तमाम युवा एकत्र होकर भाईचारे के साथ गावँ में ढ़ोलक की ताल के साथ थिरकते नजर आए। इस अवसर पर अबीर गुलाल का प्रबंध युवा साथियों की तरफ से किया गया था। इस मिशन का पुरा श्रेय लालावास के सम्पुर्ण युवा साथियों को जाता है जिनका हमें होली के प्रति पुर्ण रूप से सहयोग मिला। फलस्वरूप हम इस मुकाम को हासिल  कर सके। ‘होली मिशन’ अभियान के आयोजक मा. विनोद रंगा ने सभी युवा साथियों का धन्यवाद करते हुए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वे इसी आशा के साथ गाँव में अमन चैन व भाईचारे को बनाए रखने में अपना योगदान देते रहेगें। होली के इस मिशन को सार्थकता दिलाने में हनुमान कारगवाल, हवलदार कृश्ण, मा. नरेन्द्र कौशिक, नरेन्द्र वर्मा, मा. रवि र्मा, विनोद वर्मा, मा. राजीव, अत्तर रंगा, तेजपाल, श्रीभगवान वर्मा, हिकेन्द्र, दलीप, अजय शर्मा (ए.बी.), अशोक वर्मा, राजकुमार वर्मा, प. रामेश्वर, बुद्धराम, मामन, दिपक शर्मा, सुनील शर्मा, कुलदीप, समेत अनेक लोगों का विशेष रूप से अमुल्य योगदान रहा। 
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Sunday, February 22, 2015


क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रथम रहे लालावास के शेर...
लालावास में 16 फरवरी से चली आ रही युवा विकाश मंडल की तरफ से क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन 22 फरवरी को खेल परिसर लालावास में सम्पन्न हुआ। लालावास की क्रिकेट टीम ने फाइनल में छपार को पटखनी देते हुए 11000 रूपये का इनाम अपने नाम कर लिया। लालावास की टीम ने सरजमीं पर ही बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इस मुकाबले को जीत लिया। छपार की टीम को हांलाकी दुसरे स्थान से ही संतुष्ट होना पड़ा। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालावास के युवा खिलाड़ी मोहित बंसल की याद में हुई प्रथम क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभांरभ 16 फरवरी को किया गया था। सभी खिलाड़ियों ने दो मिनट का मौन धारण कर मोहित बंसल को श्रद्धाजंली अर्पित की। इस प्रतियोगिता में करीब 50 टीमों ने भाग लिया था। लालावास की टीम ने अव्वल प्रदर्शन करते हुए जुई को पछाड़कर फाइनल में पहुँच गई। 22 फरवरी को करीब 11 बजे से ही गाँव के तमाम लोग खेल परिसर में पहुँच रहे थे। दोपहर करीब  1 बजे लालावास का छपार के साथ फाइनल मैच शुरू हुआ। लालावास ने टॉस जितते हुए पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया जो मैच में निर्णायक शाबित हुआ। लालावास की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर के इस मैच में 80 रन बनाए। लालावास टीम की तरफ से सुनील ने 29, अनिल ने 16, तथा सोनू ने 14 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए छपार की टीम केवल 73 रन ही बना पाई। आखिरकार लालावास ने इस प्रतियोगिता का फाईनल मैच 7 रन से जीत लिया। मैच में भुपेन्द्र कुमार का कैच चर्चा में रहा जो उन्होंने सीमा रेखा के करीब लपका। भुपेन्द्र व तथा सुनील की गेंदबाजी काफी सराहनीय रही। मैच में नरेश, नविन, अंकित, प्रवेश, भुपेन्द्र, रवि, विरेन्द्र, ने भी अहम भुमिका निभाई। आकाश बंसल व मोहन्ती चंदावास ने भी अम्पायर के रूप में निर्णायक फैसले दिये। इस प्रतियोगिता को पुर्ण रूप से सफल बनाने में अजय शर्मा लालावास (ए.बी.) का विशेष रूप से योगदान रहा। 
खेल प्रतियोगिता का भी हुआ आयोजन...
क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं की मटका दौड़, बुढ़ो की दौड़, महिलाओं की दौड़, लड़कियों की दौड़, पुरूषों की रस्साकसी, बच्चों की दौड़, तथा नवयुवकों की दौड़ समेत अनेक स्पर्धाएं शामिल थी। बच्चों की दौड़ में सुमीत ने पहला व लक्की ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। निम्न वर्ग की लडकियों की दौड़ में मनिषा ने प्रथम व मिनाक्षी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मध्यम वर्ग की लडकियों की दौड़ में मोनिका ने पहला व डिम्पल ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। निम्न वर्ग के लड़को की दौड़ में सुमीत ने प्रथम व भारत ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। मध्यम वर्ग के लड़को की दौड़ में नरेन्द्र ने पहला व प्रवीण ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। लड़कियों की दौड़ में ललीता ने प्रथम व रेणु ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। महिलाओं की मटका दौड़ में राजेश ने पहला, मीना ने दुसरा, तथा सुशीला ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिलाओं की दौड़ में सुमन ने पहला व राजेश ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। लड़कों की दौड़ में राकेश ने पहला व मोनु बोंग ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। नवयुवकों की 400 मीटर दौड़ में रोहित ने प्रथम व नवीन ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर की दौड़ में भुपेन्द्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 50 से 60 साल की उम्र के बुढ़ो की दौड़ में कैलाश रंगा ने प्रथम व हनुमान ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 60 साल से ऊपर के बुढ़ों की दौड़ में भीमसैन ने पहला व अमरसिंह ने दुसरा स्थान प्राप्त किया। रस्साकसी में केशरमल की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया जिसमें केशरमल समेत अत्तर, राजु, भीम, राजकुमार, कृष्ण हवलदार, अमरसिंह तथा भीमसैन शामिल थे। दुसरा स्थान प्राप्त करने वाली सरपंच नरेश की टीम में नरेश समेत प्रभाती राम, रामप्रताप, रामचंद्र, जितेन्द्र, दयाचंद, डिल्लु, तथा अनिल शामिल थे। अंत में गाँव के तमाम बुजुर्गों द्वारा पुरूस्कार वितरण करवाया गया। पुरूस्कार वितरण समारोह में राकेश कौशिक ने भी मंच संचालक के रूप में विशेष भुमिका अदा की। पुरूस्कार वितरण समारोह में लालावास के सरपंच नरे कुमार, भुतपुर्व सरपंच प्रभाती राम, रामप्रताप, दयाचंद, रामचंद्र, उदमी राम, अमरसिंह, गिरधारी, सतबीर, प्रकाश, रोहताश, रामबिलाश, रामनिवास, केशरमल, कैप्टन भीमसैन, एस.सी. वेदपाल रंगा, कैलाश रंगा, हनुमान, कृष्ण हवलदार, अत्तर, जितेन्द्र, बलबीर, रामफल, ओमप्रकाश, ईश्वर, समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल थे। 
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Thursday, February 12, 2015

लालावास में क्रिकेट प्रतियोगिता 16 से...

गाँव लालावास में विशाल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह क्रिकेट प्रतियोगिता आगामी 16 फरवरी से शुरू होने जा रही है। 
आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता का आयोजन गाँव लालावास के ही खेल परिसर में किया जाएगा। क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन श्री रमेश ठेकेदार तथा सोनू लांबा द्वारा किया जाएगा। 
मोहित बंसल की याद में होगी प्रतियोगिता...
युवा विकास मंडल लालावास की तरफ से इस प्रतियोगिता का आयोजन गाँव लालावास के युवा खिलाड़ी मोहित बंसल की याद में किया जा रहा है। लालावास के युवा खिलाड़ी की गत वर्ष सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस वक्त मोहित बंसल लालावास के नजदीक गाँव द्वारका से क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने घर की ओर लौट रहा था। अतः मोहित बंसल की श्रद्धाजंली के रूप में इस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 16 फरवरी को मोहित बंसल को युवा विकास मंडल लालावास की तरफ से श्रद्धाजंली भी अर्पित की जाएगी। बताया जाता है कि इस प्रतियोगिता का आयोजन हर वर्ष किया जाएगा। आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाली यह क्रिकेट प्रतियोगिता एक सप्ताह में सम्पन्न होगी। क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11000 रूपये से तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 5100 रूपये से सम्मानित किया जाएगा। क्रिकेट प्रतियोगिता में 300 रूपये ईन्ट्री फीस होगी। क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ रमेश ठेकेदार व सोनू लांबा द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक मैच में मैन ऑफ दा मैच दिया जाएगा। मैन ऑफ दा सीरीज शिवनरेश ट्रैकशूट होगा। प्रत्येक मैच 8-8 ओवर के होगें। हालांकि फाईनल तथा सेमीफाईनल मैच 10-10 ओवर के होगें। मैच में गेंद हार्ड फलैस की होगी।
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Wednesday, January 28, 2015


‘‘राजकीय माध्यमिक विद्यालय लालावास’’ जिले भर में प्रथम...
...मेहनत, जज्बा, और जुनून, जंग जीतने की कुंजी है। हमारे दिमाग की एकाग्रता मंजिल को पाने की चाह को बरकरार रखती है। उसी चाह को व्यक्ति अपनी मेहनत की बदौलत अंततः सफलता में बदल देता है। इसी चाह को सफलता में बदलने का जज्बा लालावास के विद्यार्थीयों में देखने को मिला और अंततः लालावास के विद्यार्थीयों  ने सफलता को चूम लिया।
‘मुख्यमंत्री स्कूल सौन्दर्यकरण योजना’ के अतर्गत लालावास के ‘‘राजकीय माध्यमिक विद्यालय’’ ने जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ‘‘राजकीय माध्यमिक विद्यालय’’ को जिलास्तरीय समारोह में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
भीम स्टेडियम भिवानी में हुआ था जिलास्तरीय समारोह...
सूत्रों के मुताबिक हरियाणा में विद्यालयों के सौन्दर्यकरण को आधार मानते हुए हरियाणा सरकार ने एक योजना ‘मुख्यमंत्री स्कूल सौन्दर्यकरण योजना’ के रूप में शुभांरभ की थी। इसके अतर्गत हरियाणा के तमाम विद्यालयों ने भाग लिया था। जिलास्तरीय 66 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भिवानी के भीम स्टेडियम में इस योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय को सम्मानित किया गया।  जिला भिवानी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला वह एकमात्र विद्यालय ‘‘राजकीय माध्यमिक विद्यालय लालावास’’ था। इस अवसर पर मुख्यतिथी ‘श्री कृष्ण कुमार बेदी’ (समाज कल्याण मंत्री हरियाण सरकार) ने प्रशस्ति पत्र देकर लालावास के राजकीय माध्यमिक विद्यालय को सम्मानित किया। ‘राजकीय माध्यमिक विद्यालय लालावास’ की तरफ से भीम स्टेडियम भिवानी में मुख्याध्यापक श्री ईश्वर सिंह एस. एम. सी. के प्रधान नरेश कुमार, उपप्रधान सुशील कुमार, सदस्य मुनी देवी तथा मीना देवी, आदि उपस्थित हुए। इस समारोह में समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा परेड की सलामी ली। समाज कल्याण मंत्री ने इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद, सरदार वल्लभ भाई पटेल महात्मा गांधी, जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि डॅा. भीम राव अम्बेडकर के नेतृत्व में बनाए गए सविधान को अपनाकर हम भारत की एकजुटता से काम कर रहे है। सभी मत संप्रदायों जातियों में न्याय, एकता, समानता और भाईचारा कायम रखने की प्ररेणा हमें गणतंत्र दिवस से मिलती है।
लालावास के पुर्व सरपंच तथा एस. एम. सी. प्रधान श्री नरेश कुमार ने गांव के तमाम लोगों, विद्यालय के कर्मचारियों समेत तमाम विद्यार्थीयों को बधाई देते हुए इस मुकाम को पाने का श्रेय विद्यार्थीयों तथा अध्यापकों की एकजुटता को दिया है। विद्यालय के मुख्याध्यापक ‘श्री ईश्वर सिंह’ ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग तथा विद्यार्थीयों की लगन के बदौलत यह मुकाम और भी आसान हो गया।
आशा है कि हम भी निरंतर सफलता की गहराइयों को नापेगें और दिन दौगुनी रात चौगुनी उन्नति करेगें। भविश्य में हमारा गांव लालावास हर क्षेत्र में अव्वल होने की कामना करते है। 
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Monday, January 26, 2015

लालावास के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में मनाया ‘गणतंत्र दिवस’ समारोह...

लालावास गाँव में स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में हर वर्ष की भांति ‘गणतंत्र’ दिवस समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में ध्वजारोहण राष्ट्रीय गान के साथ किया गया। विद्यार्थीयों ने ‘स्वागत-गीत’ प्रस्तुत करके सांस्कृतिक कार्यक्रम का ‘श्री गणेश’ किया। गाँव के तमाम युवाओं समेत गाँव के बुजुर्ग भी बच्चों की प्रतिभा को देखने के लिए विद्यालय के प्रागंण में एकत्रित हुए। विद्यालय के ‘छात्र अध्यापक’ श्री प्रदीप कुमार ने मंच संचालक के रूप में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थीयों ने अनेक कलाओं के माध्यम से विद्यालय में उपस्थित तमाम लोगों का मनोरंजन करवाया। समारोह में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ विषय पर नाटक मंचन का भी आयोजन किया गया। तथा गाँव में भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री ‘श्री नरेन्द्र मोदी’ के द्वारा चलाई गई मुहीम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ के अंतर्गत गाँव में विद्यार्थीयों द्वारा चेतना रैली भी निकाली गई। समारोह के अंत में गाँव के ही पानीपत में नियुक्त अध्यापक ‘श्री विनोद कुमार’ ने विद्यार्थीयों को संबोधित करते हुए ‘गणतंत्र दिवस’ के महत्व के बारे में बताया। विनोद कुमार ने बच्चों को बताया कि विद्यालय का मंच ‘लघु मंच’ होता है। इसी मंच से ही हमारे करतबों की शुरूआत होती है। इससे ही विद्यार्थी में विद्यमान समस्त योग्यता तथा कला को निहारा जा सकता है। इसी लघु मंच के माध्यम से ही विद्यार्थी में से समस्त प्रतिभाएं निकल कर बाहर आती है। अतः बच्चों को हमेशा प्रत्येक गतिविद्यी में बढ़-चढ़ भाग लेना चाहिए ताकी हमें उनकी योग्यताओं को देखने का अवसर मिल सकें। अंत में विद्यालय के अध्यापक ‘श्री राजेश कुमार’ ने कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त कर्मचारी, ब्रह्मानंद, उदमी राम, बरसाती, शीश राम,  शुभ राम, महाबीर, हवासिंह, कैलाश, सतबीर, जितेन्द्र, अनिल, भजनलाल, विनोद, नरसी, नवीन, मामन, राजु, पप्पु, राजपाल, रमन, सुनील, समेत तमाम लोग उपस्थित थे। 
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Wednesday, January 21, 2015

दौड़ प्रतियोगिता में लालावास के प्रतिभागी नंबर वन...

‘हुनर और हौसले से बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है’ ऐसे हुनर और हौसले का परिचय लालावास के प्रतिभागियों में देखने को मिला। लालावास के तीन प्रतिभागियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दरअसल तीन प्रकार की दौड़ो का ही आयोजन किया गया था। जिनमें तीनों ही दोड़ों में तीनों ही प्रथम स्थान पान वाले प्रतिभागी लालावास के निवासी है।
नंगला में हुई थी प्रतियोगिता...
19 जनवरी को नजदीक गाँव नंगला में ‘बाबा बैंडनाथ महाराज’ के मेले में कुश्ती के साथ-साथ दौड़ प्रतियोगिता का आयोजिन भी किया गया। सबसे पहले बुढों की दौड़ करवाई गई जिसमें लालावास के रिटायर्ड फौजी भीमसैन ने प्रथम स्थान प्राप्त करके गावँ  लालावास की नाम ऊँचा किया। बताया जाता है कि भीमसैन की दिनचर्या सुबह के चार बजे दौड़ के साथ होती है। भीमसैन की दिनचर्या अन्य लोगों से पूरी तरह अलग है। हालांकि आज भी वे स्वास्थ्य के प्रति क्रियाशील है।
 तत्पश्चात् 400 मीटर की दौड़ करवाई गई जिसमें भूपेंद्र शर्मा ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। भूपेंद्र शर्मा का प्रर्दशन काफी सराहनीय रहा। अंत में 1600 मीटर की दौड़ भी करवाई गई जिसमें रोहित शर्मा ने अपनी मेहनत का परिचय देते हुए प्रथम स्थान प्राप्त करके लालावास गाँव के नाम को रोशन किया। दरअसल तीनों ही दौड़ों में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी लालावास के ही निवासी हो तो खुशी और भी दुगनी हो जाती है। अतः इस अवसर पर गाँव लालावास के तमाम ग्रामवासी में खुशी का माहौल बन गया है। गाँव लालावास के समस्त ग्रामवासियों ने सभी प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना की है। सभी प्रतिभागियों का प्रर्दशन बहुत ही सराहनीय रहा। लालावास के तमाम ग्रामवासियों को प्रर्दशन करने वाले तीनों प्रतिभागियों पर गर्व है। हम उम्मीद करते है कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं में गाँव लालावास के अन्य प्रतिभागी भी दिन दौगुनी रात चौगुनी मेहनत करके, इससे भी बेहतरीन प्रर्दशन करें, ताकी गाँव लालावास का नाम और भी ऊँचा हो।
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Friday, January 9, 2015


नूतन शर्मा ने दिलाया लालावास को स्वर्ण पदक...

लालावास की नूतन शर्मा ने भी तमाम लोगों के सामने यह साबित कर दिखाया की आज भी लड़कियाँ हर क्षेत्र में प्रगतिशील है। आज भी लड़कियों के हौसलें बुलंद है। इस बात का परिचय देते हुए नूतन शर्मा ने अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। गाँव लालावास की बेटी नूतन शर्मा ने जूडो चैंपियनशिप की स्पर्धा में खेलते हुए स्वर्णपदक अपने नाम किया। 
कर्नाटक के बैंगलुरू में हुई थी जूडो चैंपियनशिप...
नूतन र्मा के पिता नरे र्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंगलुरू में दो से पाँच जनवरी तक हुई राष्ट्रीय जूडो चैंपियनशिप में नूतन र्मा ने 70 किग्रा भाग वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। नूतन र्मा दसवीं कक्षा की छात्रा है। नूतन र्मा के पिता आरपीएफ में कार्यरत है। नूतन र्मा ने बताया कि इसका पूरा श्रेय उसके पिता नरे व अपनी माता राजबाला को जाता है। नूतन र्मा की माँ राजबाला का कहना है कि नूतन र्मा का खेल के प्रति बचपन से ही काफी लगाव था। नूतन र्मा के कोच अजीत बामला ने कहा कि नूतन र्मा का पटियाला एक्सलेंसी में चयन हुआ है। इस अवसर पर गाँव लालावास के ग्रामवासी काफी खु नजर आए। गाँव लालावास के समस्त ग्रामवासियों ने नूतन र्मा के उज्जवल भविष्य की कामना की है। नूतन र्मा की यह उपलब्धि काफी सराहनीय है। हम उम्मीद करते है कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं में नूतन र्मा और बेहतरीन प्रर्दशन करेगी।
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Thursday, January 1, 2015


लालावास में नव वर्ष मनाया अनोखे अदांज में...

कहते है कि ‘‘गौ हमारी माता है।’’ लेकिन आज के इस युग ने इस ‘कहावत’ को ‘कहावत’ तक ही सीमित रखा बजाय उस ‘कहावत’ पर अमल करने के। हम आस पास कहीं भी इस सोच के ऊपर गौर करके देख सकते है। अतंतः हमें यहीं नजर आएगा कि ‘गौ माता’ का कहीं पर भी सम्मान नहीं हो रहा है।
लालावास के ग्रामीणों में दिखी ‘गऊ माता’ के प्रति पहल...
‘गऊ माता’ के प्रति लालावास गाँव के ग्रामवासियों की पहल देखने को मिली है। मौका था साल 2015 के नव वर्ष के आगमन का। लालावास में नव वर्ष के अवसर पर इस बार ग्रामवासियों का रूझान गौमाता की तरफ देखने को मिला। वैसे तो लालावास में नव वर्ष बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है परतुं हर वर्ष की भांति इस साल गाँव लालावास में नव वर्ष मनाने का अदांज ही कुछ अलग था। हर वर्ष की भांति साल 2015 के आगमन पर भी लालावास में जश्न का माहौल था। इस बार मौका था ‘गौ माता’ के साथ धर्म-पुण्य कमाने का। जिसके प्रति ग्रामवासियों काफी उत्सुक नजर आए। गाँव के तमाम लोगों की मदद से गाँव के प्रत्येक घर से चंदा एकत्रित किया। सभी श्रद्धालुओं ने अपनी इच्छा अनुसार गौ माता के प्रति दान किया। फिर तमाम ग्रामवासियों की मदद से आवारा पशुओं के लिए एक सुरक्षित जगह का बंदोबस्त किया। फिर पशुओं के लिए चारा, पानी इत्यादि का भी पुख्ता इंतजाम किए गए। पानी की आपूर्ति के लिए स्पेशल एक पाईप पशुओं तक पहुँचाई गई ताकि पशुओं को उचित समय पर उचित मात्रा में पानी मिल सके। देखते ही देखते मुहिम जोर पकड़ गई। अततः नये साल का ‘सेलिब्रेशन’ अजब-गजब बन गया। आवारा पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। पशुओं के प्रति इस सवेंदनशीलता का पुरा श्रेय गाँव लालावास के तमाम ग्रामवासियों को जाता है। बहरहाल इस मुहिम से न केवल लालावास के आवारा पशुओं से निजात उम्मीद जगी है वहीं नव वर्ष के पावन अवसर पर इन बेजुबान पशुओं के लिए छेड़ी गई मुहिम से उन्हें अब भरपेट चारा तथा आश्रय भी मिल सकेगा। अब देखने वाली बात यह है कि सरकार के कानून से पहले ही शुरू की गई यह मुहिम कितनी कारगर शाबित होगी। आशा करते है कि यह मुहिम सालों साल बढती चले जिससे बेजुबान पशुओं की यह आवारा हालत सुधारी जा सके।
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